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विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् के तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में मार्गदर्शन करेंगी विधि विशेषज्ञ एवं शिक्षाविद् डॉ. वैशाली माथुर

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Posted by WHRRC | August 08, 2026

दिल्ली। विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् द्वारा महिलाओं के अधिकारों, विधिक संरक्षण एवं आधुनिक युग की समकालीन चुनौतियों को लेकर 10, 11 एवं 12 अगस्त 2026 को तीन दिवसीय विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सत्र प्रत्येक दिन रात्रि 8:00 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञ, अधिवक्ता एवं विधि शिक्षाविद् डॉ. वैशाली माथुर मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगी। डॉ. वैशाली माथुर विधि शिक्षा, शोध एवं मानवाधिकार के क्षेत्र में सक्रिय शिक्षाविद् एवं विधि विशेषज्ञ हैं। उन्होंने मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर से विधि में पीएचडी पूर्ण की है। उनके शोध का विषय “लिव-इन रिलेशनशिप में मानवाधिकारों के साथ सामाजिक एवं कानूनी वैधता : एक व्यापक अध्ययन” रहा है। विधि शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में डॉ. माथुर की विशेष रुचि एवं विशेषज्ञता मानवाधिकार, परिवार कानून, आपराधिक कानून, अंतरराष्ट्रीय कानून, मीडिया कानून एवं श्रम कानून जैसे महत्वपूर्ण विषयों में है। उन्होंने पिछले कई वर्षों से मानवाधिकार से संबंधित विषयों पर निरंतर लेखन किया है तथा विभिन्न सेमिनार, वेबिनार एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सक्रिय सहभागिता की है। डॉ. माथुर ने विधि शिक्षा के साथ-साथ जयपुर के सत्र न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में विधि का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया है। विधि के विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि कानून के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराने की दिशा में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके शोध एवं लेखन कार्यों में लिव-इन रिलेशनशिप, मानवाधिकार, बच्चों के अधिकार, परिवार कानून एवं सामाजिक-कानूनी चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। उनके कई शोध-पत्र प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उनके प्रमुख शोध कार्यों में लिव-इन रिलेशनशिप की समकालीन चुनौतियों, भारत में लिव-इन रिलेशनशिप के सामाजिक-कानूनी आयाम, बच्चों के मानवाधिकार तथा लिव-इन रिलेशनशिप एवं परिवार कानून से संबंधित विषयों पर किए गए शोध शामिल हैं। तीन दिवसीय इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय “आधुनिक युग में महिलाओं के अधिकार” रखा गया है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं के मौलिक एवं संवैधानिक अधिकारों, मानवाधिकारों, कानूनी संरक्षण, लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण तथा वर्तमान समय में महिलाओं के सामने आने वाली सामाजिक एवं कानूनी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रथम दिवस — 10 अगस्त 2026, महिलाओं के मौलिक अधिकार - प्रशिक्षण के प्रथम दिवस महिलाओं के मौलिक एवं संवैधानिक अधिकारों पर विशेष चर्चा की जाएगी। इसमें महिलाओं के संवैधानिक अधिकार एवं मानवाधिकार, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था तथा लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझाया जाएगा। द्वितीय दिवस — 11 अगस्त 2026, कानूनी संरक्षण एवं विधिक उपाय - प्रशिक्षण के दूसरे दिन महिलाओं को प्राप्त कानूनी संरक्षण एवं उपलब्ध विधिक उपायों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसमें घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज एवं बाल विवाह के विरुद्ध कानून, कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार एवं समान अवसर तथा कानूनी सहायता प्राप्त करने एवं शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी। तृतीय दिवस — 12 अगस्त 2026, समकालीन चुनौतियाँ एवं भविष्य की दिशा - प्रशिक्षण के तीसरे एवं अंतिम दिन आधुनिक डिजिटल युग में महिलाओं के सामने उत्पन्न हो रही नई चुनौतियों एवं उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी। इसमें साइबर सुरक्षा एवं महिलाओं के डिजिटल अधिकार, महिला नेतृत्व, शिक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् का मानना है कि महिलाओं के अधिकार केवल कानूनी विषय नहीं हैं, बल्कि वे समानता, स्वतंत्रता, गरिमा, न्याय एवं मानवाधिकारों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। महिलाओं को उनके अधिकारों एवं कानूनों की जानकारी उपलब्ध कराना तथा समाज में उनके प्रति सम्मान एवं समानता की भावना को बढ़ावा देना मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विधि विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, शोधार्थियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिला संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों एवं सभी जागरूक नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को महिलाओं के अधिकारों की जानकारी के साथ-साथ उनके कानूनी संरक्षण, उपलब्ध विधिक उपायों एवं शिकायत प्रक्रिया के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने हेतु परिषद् की आधिकारिक वेबसाइट WWW.WHRRC.ORG पर मात्र 1 रुपये एंट्री फीस का भुगतान कर पंजीकरण किया जा सकता है। अतिरिक्त जानकारी के लिए परिषद् की व्हाट्सएप हेल्पलाइन 8510888811 पर संपर्क किया जा सकता है।



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